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दुबई में फंसे गिरिडीह के प्रवासी मजदूर लालचंद महतो, पासपोर्ट गुम होने के बाद बढ़ीं मुश्किलें

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द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो दुबई में फंसे हुए हैं। उनकी पत्नी ने केंद्र और राज्य सरकार से पति की सकुशल भारत वापसी की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि लालचंद महतो रोजगार की तलाश में दुबई गए थे, जहां वह कारपेंटर (बढ़ई) के रूप में कार्यरत थे। काम के दौरान उनका पासपोर्ट गुम हो गया, जिसके बाद उन्हें प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पासपोर्ट नहीं होने के कारण कंपनी ने भी उन्हें काम से हटा दिया। अब वह बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन-यापन कर रहे हैं और भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वापस नहीं आ पा रहे हैं।


आर्थिक तंगी में परिवार
लालचंद महतो की पत्नी ने बताया कि परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उनके ससुर दशरथ महतो वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं, जिससे परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उन पर आ गई है। ऐसे में पति के विदेश में फंस जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं। उन्होंने सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराने और लालचंद महतो की जल्द वतन वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।


प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रवासी श्रमिकों के लिए काम कर रहे सिकंदर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से लालचंद महतो की सकुशल वापसी के लिए ठोस पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अधिक कमाई की उम्मीद में विदेश गए कई मजदूर विभिन्न कारणों से वहां फंस चुके हैं, जबकि कई की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गिरिडीह के द्वारका महतो और बोकारो के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा हुआ है। वहीं बगोदर के महेंद्र महतो सऊदी अरब में फंसे हैं और डुमरी के हुलास महतो दुबई की जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।


 

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